Asani se kapalbhati kaise kare 5 Easy steps








  आसानी  से   कपालभाती  प्राणायाम  कैसे  करे  जाने  5  तरीके 













KAPALBHATI PRANAYAM








दोस्तों  आज  लोग  अपने  आपको  स्वस्थ  रहने  के  लिए  योगा   कर   रहे  है  और  योग  के  बिभिन्य  आसन  और  प्रणायाम  को  अपने  दैनिक जीवन  में  शामिल  कर  रहे  है  क्योंकि  योग  के  आसन  और  प्रणायाम  करने  से  लोग  अपने  शरीर  को  फिट  रखने के  साथ -साथ  बिभिन्य  बीमारियों  को  भी  दूर  कर  रहे  है

इन्ही  प्राणायाम  में  एक  है  कपालभाती   प्राणायाम  जिसे  अगर  बयक्ति  प्रतिदिन  अभ्यास  करे  तो  वह  अपने  शरीर  को  स्वस्थ  रखने  के  साथ- साथ  विभिन्न  बीमारियों  को  दूर कर  सकता  है

तो आइये  जानते  है  की  कपालभाती  प्राणायाम  कैसे  किया  जाता  है


तो  दोस्तों  Tipsduniya  के  वेबसाइट  में  आपका  स्वागत  है   आज  मै  इस  लेख में  कपालभाती  प्राणायाम  कैसे  किया  जाता  है  उसके  बारे  में  चर्चा  करेंगे  लेकिन  कपालभाती  प्राणायाम  को  शुरू  करने  से  पहले  हमलोग  को  यह  जानना  आबश्यक  है  की  कपालभाती  क्या  है  और  इसको  करने  से  हमलोग  को  क्या  फ़ायदा  होता  है




कपालभाती  क्या  है





यह  एक  श्वसन  क्रिया  से  सम्बन्धित  एक  प्रकार  का  यौगिक  क्रिया  है  जिसको  करने  से  बयक्ति  स्वस्थ   रहने  के  साथ -साथ  अपनी  बहुत  सी  बीमारियों  को  दूर  कर  सकता  है  यह  दो  शब्दो  से  मिलकर  बना  है  कपाल + भाती  कपाल  का  अर्थ  हमारी  मस्तिष्क  के  आगे  बाला  भाग  ललाट  से  है  और  भाती  का  अर्थ  चमक  या  कांति  से  है  अतः  कपालभाती   प्राणायाम  करने  से  बयक्ति  की  मस्तिष्क  की  चमक  बढ़ती  है  तथा  बयक्ति  के  शरीर  के  सभी  अंग  सुचारु  रूप  से  काम  करने  लगते  है





कपालभाती  के  प्रकार





कपालभाती  3  प्रकार  के  होते  है



1  बातकृपा  कपालभाती ---  यह  वह  प्राणायाम  है  जिसमे  साँस  रोकना  अंदर  लेना  और  छोड़ना  होता  है



2  बिमुक्त्कर्म  कपालभाती  ---  इस क्रिया  में   बयक्ति  अपनी  नाक  से  पानी  लेकर  मुँह  द्वारा  बाहर                      निकालता  है           

                   

3  शीतकर्मा  कपालभाती  ----    इस  कपालभाति  को  बिमुक्त्कर्म  कपालभाती  का  माना   जाता  है  इस  क्रिया  में  बयक्ति  पानी  मुँह  के  द्वारा  अन्दर  लेता  है  और  नाक  के  द्वारा  बाहर  करता  है





कपालभाती  प्राणायाम  कब  करें





दोस्तों  वैसे  तो  किसी  भी  आसन  और  प्राणायाम  का  सही  समय  सुबह  का  होता  है  क्योंकि  इस  समय  हमारा  पेट  भी  खाली  रहता  है  लेकिन  अगर  आपको  सुबह  समय  नहीं  मिले  तो  आप  इसे  संध्या  के  समय  में  भी  कर  सकते  है  लेकिन  यह  धयान  दे  की  आप  इसे  भोजन  करने  के  तीन  से  चार  घण्टे  के  बाद  ही  करे





कपालभाती  प्राणायाम  करने  के  नियम




 दोस्तों  अगर  आप  कपालभाती  प्राणायाम  करने  के  बारे  में  सोच  रहे  है  तो  आपको  इसके  कुछ  नियमो  को  पालन  करना  होगा  तभी  आपको  कपालभाती  प्राणायाम  करने  का  लाभ  होगा
तो आइए  जानते  है  की कपालभाती  प्राणायाम  करने  के पहले  हमलोग  को  किन नियमो  का पालन  करना चाहिए



1 कपालभाती  प्राणायाम  हमेशा  खाली  पेट  करें

2  कपालभाती  प्राणायाम  करने  के  पहले  आप  स्ट्रेचिंग  एक्सरसाइज  जरूर  करें


3  इस  प्राणायाम  को  करने  से  पहले  आप  अनुलोमविलोम  की  क्रिया  करनी  चाहिए


4  सुरुयाती  दौड़  में  कपालभाती  प्राणायाम  ज्यादा  देर  तक  नहीं  करना  चाहिए


5  कपालभाती  प्राणायाम  स्वच्छ  बाताबरण  में  करना  चाहिए





कपालभाती  प्राणायाम करने का तरीका







दोस्तों  अगर  आप  कपालभाती  प्राणायाम  करने  के  बारे में  सोच  रहे  है  तो  आपको  कपालभाती  करने  का  क्या  तरीका  है  इसके  बारे  में  जानना  बहुत  ही  जरूरी  है


अगर  आप  गलत  तरीके  से  कपालभाती प्राणायाम  का  अभ्यास  करेंगे  तो  आपको  इसका  बिसेष  फायदा  नही होगा


तो आइए  जानते है  की  कपालभाती  करने का  सही तरीका  क्या  है



1  सबसे  पहले  आप  पदमासन में  धयान  की मुद्रा  में  बैठ जाय


2  आपकी  रीढ़  की  हड्डी  बिल्कुल  सीधी होनी चाहिए  तथा  आपके  दोनों  हाथ  घुटने  पर  होना  चाहिए


3  इसके बाद आप अपनी स्वास को एकसमान गती से अन्दर ले जाए और तेज गति से बाहर  निकाले  यह  प्रक्रिया एक  रिदम में होनी  चाहिए


4  साँस  छोड़ने  के  समय  आपकी पेट  अन्दर की  तरफ  होनी  चाहिए


5  इस  क्रिया  को आप  सुरुआत। में  2से 3 मिनट तक करे  और  धीरे-धीरे  आप इसकी  समय अबधि बढ़ाये


6  यह क्रिया  खत्म होने  के  बाद  आप  कुछ देर  तक  शांत  मुद्रा  में  बैठे  रहे  और  शरीर  को  बिल्कुल  रिलैक्स  रखें


7  इसके  बाद  आप  धीरे से अपनी  आँखों  को  खोले





कपालभाती  प्राणायाम  से  फायदे







दोस्तों  ऊपर हमलोगों  ने जाना  की  कपालभाती  क्या है  और  कपालभाती  प्राणायाम  करने  का  क्या  तरीका  है  लेकिन  अब  हमलोग  जानेंगे  की  कपालभाती  प्राणायाम  हमलोग  को  क्यों  करना  चाहिए  और  इसको  करने  से  हमलोग  को  क्या  फ़ायदा  होता  है




तो  आइये  जानते  है  की  कपालभाती  प्राणायाम  करने  से  क्या  फ़ायदा  होता  है





1  मोटापा  कम  होता  है





कपालभाती  प्राणायाम  के  द्वारा  हम  अपने  मोटापा  को कम  कर सकते  है  इस  प्राणायाम  को  करने  से  हमारे  शरीर  का  बजन  कमता  है  तथा  पेट  की  चर्बी  कम  होती  है




2  पाचन तंत्र  मजबूत  होता  है




इस  प्राणायाम  को  करने  से  हमारी  पेट  की  समस्या  दूर  होती  है  जिससे  हमारा  पाचन  तंत्र  मजबूत  होता  है जिससे  हमारा  भोजन का   सही  तरीके  से  पाचन  हो  जाता  है



3  चेहरे  की  चमक  बढ़ती  है




अगर  हम  प्रतिदिन  कपालभाती  प्राणायाम  का  अभ्यास  करे  तो  हमारे  चेहरे  पर  झुर्रियां  आँखो  के  निचे  काले  धब्बे  आदि  दूर  होती  है   जिससे  हमारे  चेहरे  पर  चमक  बढ़ती  है



4  शरीर  में  रक्त  संचरण  सही  रहता  है



कपालभाति  प्राणायाम  करने  से  हमारे  शरीर  में  एक  ऊष्मा  पैदा  होती  है  जिसके  कारण  हमारे  शरीर  में  रक्त  का  प्रबाह  सही  तरीके  से  होता  है  और  हमारे  शरीर  के  सभी  अंग  सही  तरीके  से  काम  करते  है




5  मधुमेह  की  बीमारी  नियंत्रित  रहती  है





कपालभाती  प्राणायाम  के  द्वारा  हम  अपने  शरीर  के  शुगर  लेबल  को  कंट्रोल  रख  सकते  है  जिससे   हमारा  मधुमेह  की  बीमारी  नियंत्रित  रहती  है




6  कब्ज   की  समस्या  दूर  होती  है



कपालभाती  प्राणायाम  के  द्वारा  हमलोग  अपनी  कब्ज  की  समस्या  को  दूर  कर  सकते  है




7   फेफड़े  की  क्षमता  बढ़ती  है




कपालभाती  प्राणायाम  को  करने  से  हमलोग  के  फेफड़े  की  क्षमता  का  बिकास  होता  है  जिससे  हमें  अस्थमा  आदि  बीमारी  की  समस्या  दूर  होती  है




8   मन  शांत  रहता  है




कपालभाती  प्राणायाम  करने  से  हमारा  मस्तिष्क  कंट्रोल  रहता  है  और  हमारा  मन  शांत  रहता  है  जिससे  हमारी  मानसिक  स्थिति  सही  रहती  है







कपालभाती  प्राणायाम  कब  नहीं  करना  चाहिए






1   भोजन  के  तुरंत  बाद  कपालभाती  प्राणायाम  नहीं  करना   चाहिए


2    जिस  बयक्ति   को  हॉर्निया  आदि   की  समस्या  हो  उन्हें  यह  प्राणायाम  नहीं  करना  चाहिए


3  गर्भबती  महिला  को  भी  कपालभाती  प्राणायाम  नहीं  करना  चाहिए


4   यदि  आप  पेट  की  बीमारी  से  पीड़ित  है  तो  यह  प्राणायाम  नहीं  करना  चाहिए


5  उचरक्तचाप  बाले  बयक्ति  भी  इस  प्राणायाम  को  करने  से  परहेज  करे


6   जब  आप  बीमार  हो  तो  यह  प्राणायाम  नहीं  करे







निष्कर्ष  CONCLUSION





दोस्तों  इस  लेख  में  हमने  कपालभाती  प्राणायाम  कैसे  किया  जाता  है   इसके  बारे  में  बताने  की  कोशिस  की  है  अगर  इस  लेख  में  हमसे  कोई  बात  छूट  गई  हो  तो  आप  हमें  जरूर  बताएं  हम  उसको  इसमें शामिल  कर  इस  लेख  में  सुधार  करेंगे  और  अगर  यह  लेख  आपको  पसंद  आए  तो  आप  इसे  अपने  मित्रो  और  रिश्तेदारों  को  शेयर  जरूर  करे

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